Wednesday, February 23, 2011

यदि कोई आपका अपना आपसे इतना दूर चला जाए कि उसके लौटने की कोई उम्मीद न हो तो उसके लिए इतना न रोएँ और शोक न करें कि उसे अपने नए जीवन से आपके पास दोबारा लौट के आना पड़े क्योंकि मौत तो एक ऐसी सच्चाई है कि जिसे कभी न कभी हरेक के जीवन में घटित होना है और जितना आप अपने प्रिय जन को बार-बार बुलाएँगे तो आत्मा (अनश्वर)अपने नए शरीर में स्थापित नहीं हो पाएगा और पुराने शरीर में भी वापिस नहीं आ पाएगा, इसीलिए अपने प्रिय जन की आत्मा की शांति के लिए उसे केवल प्रेम और शांति की तंरगे प्रवाहित करें, दुख और रुदन की नहीं ताकि आपके प्रिय जन की आत्मा अपने नए जीवन में स्थापित हो सके।

3 comments:

  1. शुभागमन...!
    हिन्दी ब्लाग जगत में आपका स्वागत है, कामना है कि आप इस क्षेत्र में सर्वोच्च बुलन्दियों तक पहुंचें । आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके अपने ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या बढती जा सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको मेरे ब्लाग 'नजरिया' की लिंक नीचे दे रहा हूँ आप इसके दि. 18-2-2011 को प्रकाशित आलेख "नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव" का अवलोकन करें और इसे फालो भी करें । आपको निश्चित रुप से अच्छे परिणाम मिलेंगे । शुभकामनाओं सहित...
    http://najariya.blogspot.com

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  2. bahut accha laga aapka blog aur aapke comments.
    Shukriya

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  3. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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