Wednesday, December 9, 2009

अन्यायोपार्जित द्रव्यं दशवर्षाणि तिष्ठति।
प्राप्ते चैकादशे वर्षे समूलं तद विनश्यति ॥
अर्थात
अन्याय से उपार्जित किया हुआ धन दस वर्ष तक रहता है,ग्यारहवाँ वर्ष प्राप्त होते ही समूल नष्ट हो जाता है

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